शुक्रवार से शुरू हो रहे दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र हंगामेदार होने के आसार है। सत्ता पक्ष ने राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी), राष्ट्रीय जनसंख्या पंजीकरण (एनपीआर) और कोरोना वायरस की स्थिति पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया है।
वहीं, विपक्ष दिल्ली की समस्याओं पर चर्चा कराने की तैयारी में है। ऐसे में जहां दिल्ली सरकार केंद्र की नीतियों को कठघरे में खड़ा करेगी तो विपक्ष एकजुटता के साथ इसके समर्थन में अपना पक्ष रखने की तैयारी में है। लिहाजा सत्र हंगामेदार होने की संभावना है। क्योंकि सत्ता पक्ष एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ एक प्रस्ताव ला सकता है।
भाजपा विशेष सत्र में सरकार को पूरी तरह घेरने की तैयारी में है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने साफ किया है कि सीएए और एनआरसी को लेकर आम आदमी पार्टी झूठा प्रचार कर रही है।
सदन में दिल्ली की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए। पर्यावरण, परिवहन व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल के मुद्दे पर बहस होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से राजधानी में कोरोना को महामारी घोषित करने के साथ ही हम सबकी जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर इस महामारी का सामना करने की आवश्यकता है।