प्रदेश में लॉकडाउन के कारण बंद पड़े सूक्ष्म लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) और अन्य बड़े उद्योगों में उत्पादन को पटरी पर लाने के लिए सरकार रणनीति बनाएगी। इसके लिए उद्योग विभाग ने ऑनलाइन सर्वे शुरू कर उद्यमियों से लॉकडाउन के बाद दोबारा उत्पादन शुरू करने और आने वाली दिक्कतों पर सुझाव मांगे हैं। इसके आधार पर केंद्र व प्रदेेश सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन से प्रदेश में करीब 60 हजार से अधिक एमएसएमई और बड़े उद्योग बंद पड़े हैं। आवश्यक वस्तु और मेडिकल उपकरण बनाने वाले उद्योगों को ही सरकार ने
लॉकडाउन में उत्पादन शुरू करने की अनुमति दी है। प्रदेश में ऐसे उद्योगों की संख्या 900 से अधिक है, जो आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन कर रहे हैं।
लॉकडाउन के बाद किन उद्योगों में उत्पादन शुरू हो सकता है, इसे लेकर उद्योग विभाग सर्वे कर रहा है। प्रदेश के एमएसएमई उद्यमियों से पोर्टल पर सुझाव मांगे हैं। उद्योगों के सामने सबसे बड़ी दिक्कतें श्रमिकों, वर्किंग कैपिटल, रॉ मेटीरियल, मार्केट डिमांड की है। सीआईआई, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की तरफ से सुझाव दिए गए हैं। उद्योग बंद होने से रोजगार भी प्रभावित हो रहा है।
लॉकडाउन के चलते एमएसएमई उद्योगों के सामने उत्पादन शुरू करने के लिए कई तरह की दिक्कतें हैं। इन्हें दूर करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। उद्यमियों से सुझाव लेकर कार्य योजना बनाकर केंद्र व प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी।
- सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक, उद्योग विभाग