उत्तराखंड शिक्षा विभाग की ओर से लॉकडाउन के दौरान शिक्षकों को निर्देश दिए गए थे कि कोई भी शिक्षक मुख्यालय एवं जिले से बाहर नहीं जाएगा। आपातकालीन स्थिति में विभाग को उनकी जरूरत पड़ सकती है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक लॉकडाउन के दौरान मुख्यालय एवं जनपद को छोड़कर अपने घर दूसरे जनपदों में पहुंच गए।
प्रशासन की ओर से अब इन शिक्षकों की सामुदायिक निगरानी मे ड्यूटी लगा दी गई है, लेकिन दूसरे जनपदों में होने की वजह से शिक्षक ड्यूटी स्थल पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रदेश के पर्वतीय जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ उत्तरकाशी, पौड़ी, बागेश्वर, अल्मोड़ा आदि में तैनात कई शिक्षक लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने की वजह से अपने देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर स्थित घरों में पहुंच गए।
अब इन शिक्षकों की अन्य कर्मचारियों के साथ सामुदायिक निगरानी में ड्यूटी लगा दी गई है। इसके चलते कई शिक्षक ड्यूटी स्थल नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस पर अपर निदेशक बेसिक शिक्षा वीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि शिक्षकों को लॉकडाउन के दौरान जिस जिले में उनकी ड्यूटी है, उसे छोड़कर नहीं जाना चाहिए था। किसी कारण यदि वे अपने घर पहुंच भी गए हैं तो उन्हें स्थानीय प्रशासन से संपर्क करना चाहिए ताकि इस तरह के शिक्षकों के लिए कोई व्यवस्था की जा सके।